PM Vishwakarma Yojana Payment Status: Check Toolkit, Stipend & Loan Payment Online (2026)

October 24, 2026
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PM Vishwakarma Yojana Payment Status की जाँच अब पोर्टल पर उपलब्ध है। PM Vishwakarma Yojana Payment Status देखने के लिए लाभार्थी को आधिकारिक वेबसाइट pmvishwakarma.gov.in पर लॉगिन करना होता है। टूलकिट प्रोत्साहन, प्रशिक्षण भत्ता और ऋण वितरण—तीनों भुगतान अलग-अलग स्तरों पर दर्ज होते हैं, इसलिए एक ही स्थिति से सभी भुगतानों का अनुमान नहीं लगाना चाहिए।

Overview

पीएम विश्वकर्मा योजना पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को कौशल प्रशिक्षण, आधुनिक टूलकिट, ऋण सहायता और डिजिटल प्रोत्साहन प्रदान करती है। योजना के तहत सभी वित्तीय लाभ सीधे लाभार्थी के आधार-लिंक्ड बैंक खाते में डीबीटी (DBT) के माध्यम से भेजे जाते हैं। भुगतान की स्थिति की जाँच करते समय यह समझना आवश्यक है कि कौन-सा भुगतान किस प्राधिकरण द्वारा जारी किया जाता है—प्रशिक्षण भत्ता प्रशिक्षण केंद्र और संबंधित विभाग से जुड़ा है, टूलकिट ई-वाउचर के रूप में जारी होता है, और ऋण की स्वीकृति एवं संवितरण ऋणदाता बैंक द्वारा किया जाता है।

Artisan checking PM Vishwakarma Yojana payment status on his phone

What Payments Are Covered Under the Scheme

योजना के अंतर्गत तीन प्रकार के वित्तीय लाभ मुख्य रूप से दिए जाते हैं। नीचे दी गई तालिका में भुगतान का प्रकार, राशि और भुगतान का माध्यम स्पष्ट किया गया है।

Payment TypeAmountHow It Is Paid
टूलकिट प्रोत्साहन₹15,000 (बेसिक प्रशिक्षण पूरा होने के बाद)ई-वाउचर / DBT के माध्यम से
प्रशिक्षण भत्ता₹500 प्रति दिन (प्रशिक्षण अवधि के दौरान)DBT द्वारा सीधे बैंक खाते में
ऋण ट्रैंच 1₹1,00,000स्वीकृति के बाद ऋणदाता बैंक द्वारा संवितरण
ऋण ट्रैंच 2₹2,00,000पहली ट्रैंच के पुनर्भुगतान के बाद बैंक द्वारा संवितरण

ऋण पर ब्याज दर 5% है और यह ऋणदाता बैंक द्वारा स्वीकृति के बाद ही संवितरित किया जाता है। टूलकिट प्रोत्साहन नकद भुगतान नहीं है—यह ई-वाउचर के रूप में जारी होता है जिसका उपयोग टूलकिट खरीदने के लिए किया जाता है।

PM Vishwakarma Yojana Payment Status — Toolkit, Stipend and Loan Payments Explained

टूलकिट प्रोत्साहन की स्थिति बेसिक प्रशिक्षण पूरा होने के बाद ही सक्रिय होती है। पोर्टल पर यह “Toolkit Status” या “e-voucher” के अंतर्गत दिखाई देती है। यदि प्रशिक्षण पूरा हो गया है लेकिन ई-वाउचर जारी नहीं हुआ है, तो संबंधित प्रशिक्षण केंद्र या जिला नोडल अधिकारी से संपर्क करना चाहिए।

प्रशिक्षण भत्ते की स्थिति प्रशिक्षण के दौरान उपस्थिति और प्रशिक्षण केंद्र द्वारा भेजे गए डेटा पर निर्भर करती है। भत्ता ₹500 प्रति दिन की दर से DBT के माध्यम से भेजा जाता है। यदि प्रशिक्षण पूरा होने के बाद भी भत्ता नहीं आया है, तो यह जाँच करना आवश्यक है कि प्रशिक्षण केंद्र ने उपस्थिति और भुगतान संबंधी डेटा पोर्टल पर अपलोड किया है या नहीं।

ऋण भुगतान की स्थिति पोर्टल पर बैंक की स्वीकृति और संवितरण की जानकारी अलग से दर्ज होती है। पोर्टल पर “Loan Status” देखकर यह पता नहीं चलता कि बैंक ने राशि खाते में भेज दी है या नहीं—इसके लिए बैंक की ओर से जारी स्वीकृति पत्र और बैंक खाता विवरण दोनों की जाँच करनी चाहिए। बैंक को ऋण आवेदन प्राप्त होने के 14 दिनों के भीतर प्रक्रिया करने का निर्देश है।

How to Check Payment Status Online

आधिकारिक पोर्टल पर भुगतान की स्थिति जाँचने के लिए निम्नलिखित चरणों का पालन करें:

  1. अपने ब्राउज़र में आधिकारिक पोर्टल https://pmvishwakarma.gov.in खोलें।
  2. होमपेज पर “Login” विकल्प पर क्लिक करें।
  3. लॉगिन पेज पर अपना पंजीकृत मोबाइल नंबर या आवेदन/लाभार्थी आईडी दर्ज करें।
  4. स्क्रीन पर दिखाई देने वाला कैप्चा भरें और OTP के माध्यम से सत्यापन पूरा करें।
  5. लॉगिन करने के बाद “Profile” या “Dashboard” विकल्प पर जाएँ।
  6. “Application Status” या “Beneficiary Status” लिंक पर क्लिक करें।
  7. अब आपको प्रशिक्षण, टूलकिट और ऋण से संबंधित अलग-अलग स्थितियाँ दिखाई देंगी। प्रत्येक अनुभाग को अलग से जाँचें और यदि संभव हो तो स्थिति का स्क्रीनशॉट सुरक्षित रखें।

यदि पोर्टल पर लॉगिन करने में समस्या आ रही है, तो सुनिश्चित करें कि आपका मोबाइल नंबर पंजीकरण के समय दर्ज किए गए नंबर से मेल खाता है।

Check Payment Through Bank, PFMS and Aadhaar DBT Seeding

पोर्टल पर स्थिति देखने के अलावा, भुगतान की पुष्टि के अन्य माध्यम भी हैं।

बैंक खाता जाँच: अपनी पासबुक अपडेट कराएँ या बैंक की मोबाइल ऐप में हाल के लेनदेन देखें। DBT के माध्यम से आने वाली राशि में प्रायः “PMVY” या संबंधित विभाग का उल्लेख होता है।

PFMS पोर्टल: सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन प्रणाली (PFMS) पोर्टल पर भी भुगतान की स्थिति जाँची जा सकती है। हालाँकि, PFMS की जानकारी तकनीकी प्रक्रिया से जुड़ी होती है और इसे समझने के लिए बैंक या संबंधित कार्यालय की सहायता लेना उपयोगी हो सकता है।

आधार DBT सीडिंग की जाँच: यह सबसे महत्वपूर्ण कदम है। भुगतान तभी सफल होता है जब आपका आधार नंबर आपके बैंक खाते से जुड़ा (seeded) हो और NPCI मैपर में सक्रिय हो। आधार सीडिंग की स्थिति जाँचने के लिए https://resident.uidai.gov.in/bank-mapper पर जाएँ और अपना आधार नंबर तथा OTP दर्ज करें। यदि वहाँ आपके बैंक खाते की जानकारी सही नहीं दिख रही है, तो तुरंत अपने बैंक शाखा में जाकर आधार सीडिंग सुधारवाएँ।

Payment Status Meanings

पोर्टल या बैंक से प्राप्त स्थिति के विभिन्न अर्थ हो सकते हैं। नीचे दी गई तालिका सामान्य स्थितियों और उनके अर्थ को स्पष्ट करती है।

StatusMeaningWhat To Do
Pendingआवेदन या भुगतान प्रक्रिया में है, अभी पूरा नहीं हुआप्रतीक्षा करें और नियमित अंतराल पर पोर्टल जाँचें
Approvedस्वीकृति हो गई है लेकिन राशि खाते में नहीं आईबैंक से संपर्क करें और PFMS संदर्भ संख्या माँगें
Credited / Successराशि आधार-लिंक्ड खाते में भेज दी गई हैबैंक पासबुक या ऐप में पुष्टि करें
Rejectedआवेदन या भुगतान अस्वीकृतअस्वीकृति का कारण लिखित में माँगें और सुधार कराएँ
Failedतकनीकी कारणों से भुगतान विफलआधार सीडिंग, खाता स्थिति और नाम की जाँच करें

यदि स्थिति “Approved” दिख रही है लेकिन राशि नहीं आई है, तो इसका अर्थ यह नहीं कि भुगतान हो गया। स्वीकृति और वास्तविक संवितरण के बीच प्रशासनिक प्रक्रिया में समय लग सकता है।

Reasons for Payment Delay or Failure

भुगतान विफल होने या देरी होने के कुछ सामान्य और स्पष्ट कारण हैं:

  • आधार बैंक खाते से सीडेड नहीं है: यदि आपका आधार नंबर बैंक खाते से जुड़ा नहीं है, तो DBT के माध्यम से राशि नहीं आ सकती।
  • NPCI मैपर निष्क्रिय है: कई बार बैंक द्वारा आधार सीडिंग तो कर दी जाती है लेकिन NPCI मैपर में वह सक्रिय नहीं होता। इससे भुगतान विफल हो जाता है।
  • आधार और बैंक खाते में नाम का मेल न होना: यदि आधार कार्ड पर नाम और बैंक खाते के नाम में अंतर है, तो भुगतान अस्वीकृत हो सकता है।
  • खाता निष्क्रिय (dormant) या बंद: यदि बैंक खाते में लंबे समय से कोई लेनदेन नहीं हुआ है और वह निष्क्रिय हो गया है, या खाता बंद हो गया है, तो भुगतान नहीं आएगा।
  • बैंक KYC लंबित: यदि बैंक में KYC पूरा नहीं है, तो खाता सीमित हो सकता है और DBT भुगतान विफल हो सकता है।

इसके अलावा, प्रशिक्षण केंद्र द्वारा उपस्थिति डेटा अपलोड न करना या बैंक द्वारा ऋण आवेदन में देरी करना भी भुगतान रुकने के कारण हो सकते हैं।

What To Do If Your Payment Is Stuck

यदि भुगतान किसी भी कारण से रुका हुआ है, तो निम्नलिखित कदम उठाएँ:

  1. पहले पोर्टल पर स्थिति जाँचें और देखें कि किस चरण पर भुगतान रुका है—प्रशिक्षण, टूलकिट या ऋण।
  2. आधार सीडिंग की जाँच करें UIDAI बैंक मैपर पर और यदि आवश्यक हो तो बैंक शाखा में जाकर सीडिंग सुधारवाएँ।
  3. बैंक शाखा से संपर्क करें यदि ऋण स्वीकृत है लेकिन राशि नहीं आई है। बैंक से स्वीकृति पत्र और PFMS संदर्भ संख्या माँगें।
  4. प्रशिक्षण केंद्र से संपर्क करें यदि प्रशिक्षण भत्ता या टूलकिट ई-वाउचर से संबंधित समस्या है।
  5. जिला नोडल अधिकारी (DNO) से संपर्क करें यदि स्थानीय स्तर पर समाधान नहीं मिल रहा है।
  6. हेल्पलाइन पर कॉल करें: 1800-267-7777 या 17923 पर संपर्क करें और अपनी शिकायत संख्या नोट करें।
  7. ईमेल भेजें: pm-vishwakarma@dcmsme.gov.in पर अपनी आवेदन आईडी, स्थिति का स्क्रीनशॉट और समस्या का विवरण भेजें।

यदि बैंक ऋण आवेदन को अस्वीकार करता है, तो लिखित में अस्वीकृति का कारण माँगें। बैंकों को निर्देश है कि वे मामूली आधार पर आवेदन अस्वीकार न करें और अस्वीकृति शाखा स्तर पर नहीं, बल्कि कम से कम एक स्तर ऊपर के अधिकारी द्वारा दर्ज की जाए।

Common Mistakes

भुगतान से संबंधित समस्याओं में कुछ सामान्य गलतियाँ अक्सर देखी जाती हैं:

  • केवल पोर्टल पर “Approved” देखकर संतुष्ट हो जाना: स्वीकृति का अर्थ भुगतान नहीं है। बैंक खाते में राशि आने की पुष्टि अलग से करें।
  • आधार सीडिंग की जाँच न करना: यह सबसे सामान्य कारण है जिससे DBT भुगतान विफल होता है।
  • पुराने बैंक खाते का उपयोग करना: यदि आपने बैंक बदला है या खाता बंद कर दिया है, तो पोर्टल और आधार दोनों में नया खाता विवरण अपडेट कराएँ।
  • नाम में अंतर को अनदेखा करना: आधार और बैंक खाते में नाम की वर्तनी एक समान होनी चाहिए।
  • अनधिकृत एजेंट को जानकारी देना: OTP, आधार नंबर या वाउचर विवरण किसी भी अनजान व्यक्ति को न दें। आधिकारिक पोर्टल और हेल्पलाइन के अलावा किसी अन्य माध्यम से भुगतान की पुष्टि न करें।
  • प्रशिक्षण पूरा होने के बाद भी उपस्थिति की जाँच न करना: यदि प्रशिक्षण केंद्र ने उपस्थिति डेटा सही ढंग से अपलोड नहीं किया है, तो भत्ता रुक सकता है।

FAQs

1. पीएम विश्वकर्मा योजना का पेमेंट स्टेटस कैसे चेक करें?

pmvishwakarma.gov.in पर लॉगिन करें, Profile या Dashboard में जाएँ और Application Status देखें। टूलकिट, प्रशिक्षण भत्ता और ऋण की स्थिति अलग-अलग जाँचें।

2. टूलकिट के ₹15,000 कब मिलते हैं?

बेसिक प्रशिक्षण पूरा होने के बाद टूलकिट प्रोत्साहन ई-वाउचर के रूप में जारी होता है। यह नकद भुगतान नहीं है, बल्कि टूलकिट खरीदने के लिए वाउचर है।

3. प्रशिक्षण के दौरान कितना भत्ता मिलता है?

प्रशिक्षण अवधि के दौरान ₹500 प्रति दिन का भत्ता DBT के माध्यम से बैंक खाते में भेजा जाता है।

4. ऋण की राशि कितनी है और ब्याज दर क्या है?

पहली ट्रैंच में ₹1,00,000 और दूसरी ट्रैंच में ₹2,00,000 तक ऋण मिल सकता है। ब्याज दर 5% है। ऋणदाता बैंक स्वीकृति के बाद राशि संवितरित करता है।

5. पैसा नहीं आ रहा है तो सबसे पहले क्या करें?

सबसे पहले आधार सीडिंग की जाँच UIDAI बैंक मैपर पर करें। यदि सीडिंग सही है, तो बैंक शाखा से संपर्क करें और PFMS संदर्भ संख्या माँगें।

6. आधार सीडिंग कैसे चेक करें?

resident.uidai.gov.in/bank-mapper पर जाएँ, आधार नंबर और OTP दर्ज करें। यहाँ आपको वह बैंक खाता दिखेगा जिससे आपका आधार जुड़ा है।

7. नाम में अंतर है तो क्या करें?

आधार कार्ड और बैंक खाते में नाम एक समान होना चाहिए। यदि अंतर है, तो आधार में सुधार कराएँ या बैंक में नाम सुधार का अनुरोध करें।

8. खाता निष्क्रिय है तो क्या करें?

बैंक शाखा में जाकर खाते को सक्रिय कराएँ और सुनिश्चित करें कि KYC पूरा हो। DBT भुगतान के लिए सक्रिय खाता आवश्यक है।

9. ऋण के लिए बैंक से संपर्क कैसे करें?

यदि ऋण पोर्टल पर स्वीकृत दिख रहा है लेकिन राशि नहीं आई है, तो अपनी शाखा में जाकर स्वीकृति पत्र और संवितरण की स्थिति पूछें।

10. हेल्पलाइन नंबर क्या है?

1800-267-7777 और 17923। ईमेल: pm-vishwakarma@dcmsme.gov.in।

Official Resources

Conclusion

पीएम विश्वकर्मा योजना के अंतर्गत भुगतान की स्थिति जाँचना सरल है, बशर्ते यह समझा जाए कि प्रत्येक भुगतान—टूलकिट, भत्ता और ऋण—की अपनी अलग प्रक्रिया है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि आपका आधार आपके सक्रिय बैंक खाते से सही ढंग से जुड़ा हो और NPCI मैपर में सक्रिय हो। किसी भी समस्या की स्थिति में पहले आधिकारिक पोर्टल पर स्थिति जाँचें, फिर बैंक या प्रशिक्षण केंद्र से संपर्क करें, और यदि समाधान न मिले तो हेल्पलाइन या ईमेल के माध्यम से शिकायत दर्ज कराएँ।

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