PM Vishwakarma Yojana Moortikar: Complete Guide for Sculptors (2026)

October 23, 2026
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PM Vishwakarma Yojana Moortikar के तहत मूर्तिकारों और पत्थर तराशने वाले कारीगरों को सरकारी मान्यता, कौशल प्रशिक्षण, आधुनिक औजार और बिना गारंटी का ऋण मिलता है। यह योजना 17 सितंबर 2023 को शुरू हुई और 31 मार्च 2028 तक चलेगी। PM Vishwakarma Yojana Moortikar के लिए पंजीकरण केवल कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के माध्यम से बायोमेट्रिक सत्यापन के साथ निःशुल्क किया जाता है। इस योजना में Sculptor (Moortikar / Stone Carver) को 18 अधिसूचित पारंपरिक व्यवसायों में शामिल किया गया है, जिसमें पत्थर तराशने वाले, मिट्टी और लकड़ी के मूर्तिकार तथा मंदिर कला से जुड़े कारीगर आते हैं।

Overview

पीएम विश्वकर्मा योजना केंद्रीय सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय (Ministry of MSME) की एक केंद्रीय क्षेत्र की योजना है। इसका कुल परिव्यय 13,000 करोड़ रुपये है और यह वित्तीय वर्ष 2023-24 से 2027-28 तक पांच वर्षों के लिए संचालित होगी। योजना का उद्देश्य असंगठित क्षेत्र में हाथ और औजारों से काम करने वाले पारंपरिक कारीगरों को औपचारिक पहचान, कौशल उन्नयन, आधुनिक उपकरण, ऋण सहायता और बाजार से जोड़ना है।

मूर्तिकार (Moortikar) व्यवसाय इस योजना के अंतर्गत आने वाले प्रमुख पारंपरिक व्यवसायों में से एक है। योजना का लाभ लेने के लिए कारीगर को असंगठित क्षेत्र में स्वरोजगार के रूप में इस व्यवसाय से जुड़ा होना आवश्यक है। इसमें पत्थर पर तराशने का काम करने वाले कारीगर, मिट्टी और लकड़ी की मूर्तियां बनाने वाले कलाकार तथा मंदिरों से जुड़े पारंपरिक कारीगर शामिल हैं, जो अपने हाथों और औजारों की सहायता से काम करते हैं। यह योजना ऐसे कारीगरों को स्वरोजगार को स्थायी बनाने, अपने उत्पादों की गुणवत्ता सुधारने और डिजिटल लेनदेन अपनाने में सहायता करती है। योजना में शामिल होने वाले कारीगरों को एक विशिष्ट पहचान मिलती है जिससे उन्हें अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में भी सहूलियत होती है। पंजीकरण, सत्यापन और लाभ वितरण की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी रूप से आधिकारिक पोर्टल से जुड़ी हुई है।

PM Vishwakarma Moortikar sculptor carving a stone statue in his workshop

Eligibility

PM Vishwakarma Yojana Moortikar के लिए पात्रता की शर्तें निम्नलिखित हैं:

शर्त विवरण
आयु पंजीकरण की तिथि पर न्यूनतम 18 वर्ष
व्यवसाय असंगठित क्षेत्र में स्वरोजगार के रूप में मूर्तिकार/पत्थर तराशने का कार्य सक्रिय रूप से करना
परिवार एक परिवार से केवल एक सदस्य पात्र (परिवार = पति, पत्नी और अविवाहित बच्चे)
सरकारी सेवा सरकारी कर्मचारी और उनके परिवार के सदस्य अपात्र
पिछला ऋण पिछले 5 वर्षों में PMEGP, PM SVANidhi, Mudra जैसी ऋण-लिंक्ड योजनाओं का लाभ नहीं लिया हो। हालांकि, जिन्होंने मुद्रा या SVANidhi ऋण पूरी तरह चुका दिया है, वे पात्र हैं

इसके अतिरिक्त यह भी आवश्यक है कि आवेदक स्वयं अपने व्यवसाय में कार्यरत हो, केवल व्यापार का नाम दर्ज नहीं करा रहा हो। आवेदक का आधार कार्ड और बैंक खाता उसके अपने नाम पर होना चाहिए। एक ही परिवार के दो सदस्य एक साथ आवेदन नहीं कर सकते; यदि ऐसा पाया जाता है तो आवेदन रद्द किया जा सकता है। ऐसे कारीगर जो किसी सरकारी विभाग, सार्वजनिक उपक्रम या सरकारी सहायता प्राप्त संस्थान में कार्यरत हैं, वे योजना के लिए पात्र नहीं हैं। यदि आपने पहले किसी ऋण-लिंक्ड योजना का लाभ लिया था और उसे पूरी तरह चुका दिया है, तो आपके लिए मार्ग खुला है, लेकिन ऐसे ऋण का पूरा विवरण आवेदन के समय ईमानदारी से देना आवश्यक है।

Benefits

योजना के तहत मूर्तिकारों को मिलने वाले लाभों का विवरण:

लाभ विवरण
पहचान PM Vishwakarma प्रमाण पत्र और ID कार्ड
कौशल प्रशिक्षण 5-7 दिन (40 घंटे) बुनियादी प्रशिक्षण + वैकल्पिक 15 दिन उन्नत प्रशिक्षण; प्रशिक्षण के दौरान 500 रुपये प्रतिदिन वजीफा
टूलकिट बुनियादी प्रशिक्षण के बाद 15,000 रुपये का ई-वाउचर (आधुनिक तराशने की छेनी, हथौड़े, पॉलिशिंग और फिनिशिंग उपकरण)
ऋण (पहली किस्त) 1 लाख रुपये तक, बिना गारंटी, 18 महीनों में पुनर्भुगतान, 5% ब्याज दर
ऋण (दूसरी किस्त) 2 लाख रुपये तक, 30 महीनों में पुनर्भुगतान, 5% ब्याज दर (सरकार 8% ब्याज सब्सिडी देती है)
डिजिटल प्रोत्साहन प्रति डिजिटल लेनदेन 1 रुपये कैशबैक, अधिकतम 100 लेनदेन प्रति माह
विपणन सहायता ब्रांडिंग, गुणवत्ता प्रमाणन, व्यापार मेले और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से जोड़ना

इन लाभों का लाभ क्रमबद्ध रूप से मिलता है। पहले पंजीकरण और सत्यापन होता है, उसके बाद बुनियादी प्रशिक्षण, फिर टूलकिट ई-वाउचर, और उसके बाद ऋण की पहली किस्त। प्रशिक्षण पूरा होने पर टूलकिट का ई-वाउचर पंजीकृत मोबाइल नंबर पर भेजा जाता है, जिससे कारीगर अपने काम के अनुकूल आधुनिक औजार प्राप्त कर सकता है। डिजिटल कैशबैक का लाभ उठाने के लिए कारीगर को अपने ग्राहकों से डिजिटल भुगतान स्वीकार करने की आदत बनानी होती है, जिससे योजना का उद्देश्य भी पूरा होता है और आमदनी में पारदर्शिता आती है। विपणन सहायता से मूर्तिकार अपने उत्पादों को ब्रांडिंग, गुणवत्ता प्रमाणन और व्यापार मेलों के माध्यम से बड़े बाजार तक पहुंचा सकते हैं।

Required Documents

CSC पर पंजीकरण के लिए आवश्यक दस्तावेज:

दस्तावेज उद्देश्य
आधार कार्ड पहचान सत्यापन और बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण (मोबाइल नंबर लिंक होना आवश्यक)
बैंक पासबुक ऋण और प्रोत्साहन राशि प्राप्त करने के लिए
राशन कार्ड परिवार के विवरण के सत्यापन के लिए (यदि न हो तो परिवार के सदस्यों के आधार नंबर)
मोबाइल नंबर आधार से लिंक सक्रिय मोबाइल नंबर (OTP प्राप्ति के लिए)

ध्यान रखें कि सभी दस्तावेज स्पष्ट, वैध और आवेदक के अपने नाम पर हों। आधार कार्ड से लिंक मोबाइल नंबर सक्रिय होना बहुत आवश्यक है, क्योंकि पंजीकरण के समय OTP और आगे की सूचनाएं इसी नंबर पर आती हैं। बैंक पासबुक की प्रथम पृष्ठ की प्रति साथ लेकर जाएं जिसमें खाता संख्या और IFSC कोड स्पष्ट दिखाई दे। यदि आपके पास राशन कार्ड नहीं है तो परिवार के सदस्यों के आधार नंबर की जानकारी CSC ऑपरेटर को दें ताकि परिवार का विवरण सही ढंग से दर्ज हो सके। किसी भी दस्तावेज में नाम या जन्म तिथि का अंतर होने पर पहले उसे सुधरवा लें, अन्यथा सत्यापन के समय परेशानी हो सकती है।

Registration Process at CSC

पंजीकरण केवल कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के माध्यम से किया जाता है और यह पूरी तरह निःशुल्क है। प्रक्रिया इस प्रकार है:

  1. नजदीकी CSC पर जाएं: अपने आधार कार्ड, बैंक पासबुक और राशन कार्ड के साथ CSC पर पहुंचें।
  2. बायोमेट्रिक सत्यापन: CSC ऑपरेटर आपके आधार नंबर को दर्ज कर OTP सत्यापित करेगा और उंगली या आंख की स्कैन से बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण करेगा। यह कदम CSC पर ही संभव है।
  3. फॉर्म भरना: व्यक्तिगत जानकारी, पता, परिवार का विवरण (राशन कार्ड के अनुसार), बैंक खाता विवरण और व्यवसाय (मूर्तिकार) की जानकारी दर्ज कराई जाएगी।
  4. दस्तावेज अपलोड: CSC ऑपरेटर द्वारा आवश्यक दस्तावेज स्कैन और अपलोड किए जाएंगे।
  5. आवेदन जमा: फॉर्म जमा करने के बाद आपको एक संदर्भ संख्या मिलेगी जिसे सुरक्षित रखें।
  6. सत्यापन प्रक्रिया: आवेदन तीन स्तरों से गुजरता है — ग्राम पंचायत/शहरी स्थानीय निकाय स्तर, जिला कार्यान्वयन समिति और राज्य स्तरीय स्क्रीनिंग समिति।

यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद आवेदक को PM Vishwakarma प्रमाण पत्र और ID कार्ड जारी किया जाता है, जिसके बाद वह प्रशिक्षण और अन्य लाभों के लिए पात्र हो जाता है। आवेदन की स्थिति की जानकारी लिए बिना लंबे समय तक प्रतीक्षा न करें; यदि कुछ दिनों में कोई अपडेट न दिखे तो CSC पर जाकर स्थिति जांचें। CSC पर कोई भी अतिरिक्त शुल्क मांगा जाए तो उसका भुगतान न करें, क्योंकि पंजीकरण निःशुल्क है। अपने द्वारा दी गई सभी जानकारी को एक बार अवश्य जांच लें, विशेषकर मोबाइल नंबर और बैंक खाता विवरण, क्योंकि इनमें गलती होने पर लाभ मिलने में देरी हो सकती है।

PM Vishwakarma Yojana Moortikar — Training, Toolkit and Loan Benefits

पंजीकरण और सत्यापन के बाद मूर्तिकारों को कौशल प्रशिक्षण दिया जाता है। बुनियादी प्रशिक्षण 5-7 दिनों (लगभग 40 घंटे) का होता है, जिसमें आधुनिक तकनीकों और उपकरणों का उपयोग सिखाया जाता है। इच्छुक कारीगर 15 दिनों का उन्नत प्रशिक्षण भी ले सकते हैं। प्रशिक्षण के प्रत्येक दिन 500 रुपये का वजीफा दिया जाता है।

बुनियादी प्रशिक्षण पूरा करने के बाद 15,000 रुपये का टूलकिट ई-वाउचर मिलता है। मूर्तिकारों के लिए इस राशि का उपयोग आधुनिक तराशने की छेनी, हथौड़े, पॉलिशिंग और फिनिशिंग टूल्स खरीदने में किया जा सकता है। ई-वाउचर पंजीकृत मोबाइल नंबर पर भेजा जाता है और चयनित टूलकिट इंडिया पोस्ट के माध्यम से घर तक पहुंचाया जाता है।

प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य कारीगरों की उत्पादकता और उत्पाद की गुणवत्ता बढ़ाना है। बुनियादी प्रशिक्षण में सुरक्षा, औजारों की देखभाल, आधुनिक तकनीक और डिजाइन से जुड़ी बुनियादी बातें सिखाई जाती हैं। उन्नत प्रशिक्षण में कारीगर अपने कौशल को और निखार सकते हैं। प्रशिक्षण के दौरान मिलने वाला वजीफा उन कारीगरों के लिए विशेष रूप से सहायक है जो प्रशिक्षण के दिनों में अपने रोजगार से दूर रहते हैं। टूलकिट मिलने के बाद मूर्तिकार अपने पुराने, घिसे हुए औजारों की जगह आधुनिक उपकरणों का उपयोग कर सकते हैं, जिससे काम की गति और गुणवत्ता दोनों में सुधार होता है।

Loan Details

मूर्तिकारों को दो किस्तों में बिना गारंटी का ऋण मिलता है:

  • पहली किस्त: 1 लाख रुपये तक, 18 महीनों की पुनर्भुगतान अवधि। यह बुनियादी प्रशिक्षण पूरा करने के बाद उपलब्ध होती है।
  • दूसरी किस्त: 2 लाख रुपये तक, 30 महीनों की पुनर्भुगतान अवधि। यह पहली किस्त का नियमित भुगतान करने, डिजिटल लेनदेन अपनाने या उन्नत प्रशिक्षण पूरा करने पर उपलब्ध होती है।

ऋण पर ब्याज दर 5% निर्धारित है। सरकार बैंकों को 8% ब्याज सब्सिडी का भुगतान करती है, जिससे कारीगरों को केवल 5% ब्याज देना होता है। ऋण लेने के लिए किसी गारंटी या संपार्श्विक की आवश्यकता नहीं होती, जिससे छोटे कारीगरों के लिए यह सुविधा आसान बन जाती है। ऋण राशि का उपयोग व्यवसाय से जुड़े कामों में करना चाहिए, जैसे कच्चा माल खरीदना, औजारों को उन्नत करना या कार्यशाला को बेहतर बनाना। समय पर किस्तें चुकाने से दूसरी किस्त प्राप्त करने का मार्ग आसान हो जाता है और भविष्य में बैंक के साथ अच्छा रिकॉर्ड बनता है। ऋण की शर्तों और पुनर्भुगतान की तारीखों की जानकारी बैंक से अवश्य लें और इसका लिखित रिकॉर्ड रखें।

Status Check

आवेदन की स्थिति जानने के लिए:

आधिकारिक पोर्टल pmvishwakarma.gov.in पर जाएं।

होम पेज पर लॉगिन विकल्प चुनें।

Applicant/Beneficiary लॉगिन में अपना पंजीकृत मोबाइल नंबर दर्ज करें।

कैप्चा भरकर सबमिट करें और OTP सत्यापित करें।

डैशबोर्ड पर आवेदन का स्तर (सत्यापन लंबित, स्वीकृत या अस्वीकृत) दिखाई देगा।

यदि लॉगिन संबंधी समस्या हो तो उसी CSC पर जाएं जहां पंजीकरण किया था। CSC ऑपरेटर आपका डैशबोर्ड खोल सकता है। डैशबोर्ड पर प्रशिक्षण, टूलकिट और ऋण से जुड़ी स्थिति भी दिखाई देती है, जिससे आपको पता चलता है कि आपकी आवेदन प्रक्रिया किस चरण में है। स्थिति में बदलाव होने पर पंजीकृत मोबाइल नंबर पर सूचना भी मिलती है। यदि आवेदन अस्वीकृत हो जाए तो कारण की जानकारी लेकर आवश्यक सुधार करें और दोबारा संपर्क करें। लंबे समय तक स्थिति “लंबित” दिखने पर स्थानीय स्तर पर संबंधित अधिकारी से या हेल्पलाइन पर संपर्क करना चाहिए।

Common Mistakes

गलत मोबाइल नंबर देना: आधार से लिंक न होने पर OTP नहीं मिलेगा और पंजीकरण पूरा नहीं होगा।

परिवार के एक से अधिक सदस्यों का आवेदन: योजना में एक परिवार से केवल एक सदस्य ही पात्र है।

पिछले ऋण की जानकारी न देना: यदि पिछले 5 वर्षों में PMEGP/Mudra/SVANidhi का ऋण लिया है (और चुकाया नहीं है) तो आवेदन अस्वीकृत हो सकता है।

अपूर्ण दस्तावेज: राशन कार्ड या बैंक विवरण स्पष्ट और वैध होना चाहिए।

सत्यापन के बाद लापरवाही: स्वीकृति के बाद प्रशिक्षण और टूलकिट के लिए आगे की प्रक्रिया पूरी न करने पर ऋण नहीं मिलेगा।

इनके अलावा कुछ अन्य सामान्य गलतियां भी हैं जिनसे बचना चाहिए। कई आवेदक अपने व्यवसाय का विवरण गलत भर देते हैं या ऐसा व्यवसाय चुन लेते हैं जो उनके वास्तविक काम से मेल नहीं खाता, जिससे सत्यापन के समय कठिनाई आती है। कुछ लोग एक ही आधार से कई आवेदन कर देते हैं, जो नियम के विरुद्ध है। कुछ आवेदक प्रशिक्षण के लिए नहीं पहुंचते, जिसके कारण टूलकिट और ऋण का लाभ नहीं मिल पाता। इसलिए अपने द्वारा दी गई जानकारी और चुने गए व्यवसाय पर पूरा ध्यान दें और सभी चरणों को समय पर पूरा करें।

FAQs

Q1: क्या मूर्तिकार PM Vishwakarma Yojana के लिए पात्र हैं?

हां, Sculptor (Moortikar / Stone Carver) योजना के 18 अधिसूचित व्यवसायों में शामिल है।

Q2: क्या पंजीकरण के लिए कोई शुल्क देना होता है?

नहीं, CSC पर पंजीकरण पूरी तरह निःशुल्क है।

Q3: क्या मैं घर से ऑनलाइन पंजीकरण कर सकता हूं?

नहीं, पंजीकरण केवल CSC पर बायोमेट्रिक सत्यापन के साथ ही संभव है।

Q4: टूलकिट में क्या-क्या मिलता है?

15,000 रुपये के ई-वाउचर से आधुनिक छेनी, हथौड़े, पॉलिशिंग और फिनिशिंग टूल्स खरीदे जा सकते हैं।

Q5: प्रशिक्षण के दौरान कितना वजीफा मिलता है?

प्रशिक्षण के प्रत्येक दिन 500 रुपये वजीफा मिलता है।

Q6: पहली बार में कितना ऋण मिलता है?

बुनियादी प्रशिक्षण के बाद पहली किस्त में 1 लाख रुपये तक का ऋण मिलता है।

Q7: ऋण पर ब्याज दर कितनी है?

कारीगरों को 5% ब्याज देना होता है; शेष 8% सरकार बैंक को देती है।

Q8: क्या सरकारी कर्मचारी का परिवार आवेदन कर सकता है?

नहीं, सरकारी सेवा में कार्यरत व्यक्ति और उनके परिवार के सदस्य अपात्र हैं।

Q9: मुद्रा ऋण चुका चुके मूर्तिकार आवेदन कर सकते हैं?

हां, यदि मुद्रा या SVANidhi ऋण पूरी तरह चुका दिया गया है तो आवेदन किया जा सकता है।

Q10: आवेदन की स्थिति कैसे जांचें?

pmvishwakarma.gov.in पर लॉगिन करके डैशबोर्ड पर स्थिति देखी जा सकती है।

Official Resources

आधिकारिक पोर्टल: https://pmvishwakarma.gov.in

दिशानिर्देश: https://pmvishwakarma.gov.in/Home/Guidelines

हेल्पलाइन: 1800-267-7777

योजना से जुड़ी किसी भी प्रकार की जानकारी, पात्रता, पंजीकरण या शिकायत के लिए आधिकारिक पोर्टल और हेल्पलाइन सबसे विश्वसनीय स्रोत हैं। अनौपचारिक माध्यमों से मिली जानकारी पर निर्भर न रहें और किसी भी प्रकार के भुगतान का दबाव बनाए जाने पर हेल्पलाइन पर संपर्क करें।

Conclusion

PM Vishwakarma Yojana Moortikar मूर्तिकारों और पत्थर तराशने वाले कारीगरों के लिए एक व्यावहारिक सहायता प्रणाली है जो पहचान, प्रशिक्षण, औजार और पूंजी एक साथ उपलब्ध कराती है। पात्रता की शर्तें सरल हैं और पंजीकरण की प्रक्रिया CSC पर निःशुल्क है। इच्छुक मूर्तिकार अपने नजदीकी CSC पर आधार, बैंक पासबुक और राशन कार्ड लेकर जाकर पंजीकरण शुरू कर सकते हैं। इस योजना से जुड़ने के बाद कारीगर को सरकारी पहचान, आधुनिक औजार, कौशल प्रशिक्षण और सस्ता ऋण मिलता है, जिससे उसका व्यवसाय अधिक मजबूत और स्थायी बन सकता है। अधिक जानकारी के लिए आधिकारिक पोर्टल pmvishwakarma.gov.in देखें या हेल्पलाइन 1800-267-7777 पर संपर्क करें।

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