PM Vishwakarma Yojana Doll and Toy Maker: Complete Guide for Traditional Toy Makers (2026)

October 27, 2026
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PM Vishwakarma Yojana Doll and Toy Maker एक आधिकारिक मान्यता प्राप्त श्रेणी है, जिसके तहत पारंपरिक रूप से हाथ और औजारों से गुड़िया एवं खिलौने बनाने वाले कारीगरों को प्रमाणपत्र, कौशल प्रशिक्षण, आधुनिक टूलकिट, रियायती ऋण और बाज़ार सहायता प्रदान की जाती है। यह योजना 17 सितंबर 2023 को सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय द्वारा शुरू की गई थी, जिसका कुल परिव्यय ₹13,000 करोड़ (वित्त वर्ष 2023-24 से 2027-28) है।

PM Vishwakarma Yojana Doll and Toy Maker के अंतर्गत वे कारीगर पात्र हैं जो असंगठित क्षेत्र में स्वरोजगार के रूप में पारंपरिक विधि से लकड़ी, कपड़ा, मिट्टी या पेपर माशे की गुड़िया और खिलौने हाथ के औजारों से बनाते हैं। यह योजना इन कारीगरों को औपचारिक पहचान और वित्तीय सहायता के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास करती है।

Overview

भारत सरकार की यह महत्वाकांक्षी योजना पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को सम्मान, सामर्थ्य और समृद्धि प्रदान करने के तीन स्तंभों पर आधारित है। योजना का उद्देश्य गुरु-शिष्य परंपरा और पारिवारिक आधार पर चलने वाले पारंपरिक कौशल को संरक्षित और सशक्त करना है। डॉल एंड टॉय मेकर सहित कुल 18 पारंपरिक व्यापार इस योजना के अंतर्गत आते हैं। यह योजना पूरी तरह से डिजिटल और पेपरलेस है, जिसमें आवेदन से लेकर लाभ वितरण तक की प्रक्रिया Common Service Centre (CSC) के माध्यम से संचालित होती है।

Traditional toy maker painting wooden toys under PM Vishwakarma Yojana

Who Is a Doll & Toy Maker Under the Scheme

योजना के अंतर्गत “पारंपरिक गुड़िया एवं खिलौना निर्माता” की परिभाषा बहुत स्पष्ट है। यह उन कारीगरों पर लागू होती है जो:

  • हाथ और हाथ के औजारों से काम करते हैं: उत्पादन प्रक्रिया में मुख्य रूप से मानवीय श्रम और सरल औजारों का उपयोग होता है।
  • पारंपरिक सामग्री का उपयोग करते हैं: लकड़ी, कपड़ा, मिट्टी, पेपर माशे आदि से गुड़िया और खिलौने बनाते हैं।
  • असंगठित क्षेत्र में स्वरोजगाररत हैं: वे किसी कारखाने के कर्मचारी नहीं, बल्कि स्वयं के खाते पर काम करने वाले स्वतंत्र कारीगर हैं।
  • पारिवारिक या गुरु-शिष्य परंपरा से जुड़े हैं: यह कौशल पीढ़ियों से चला आ रहा है या गुरु से सीखा गया है।

महत्वपूर्ण बहिष्करण: केवल मशीनों से होने वाला उत्पादन या बड़े कारखानों में होने वाला विनिर्माण इस योजना के अंतर्गत कवर नहीं है। यदि कोई व्यक्ति किसी फैक्ट्री में मशीन ऑपरेटर है या केवल मशीनों द्वारा खिलौने बनाता है, तो वह इस श्रेणी के लिए पात्र नहीं होगा।

PM Vishwakarma Yojana Doll and Toy Maker — Benefits, Toolkit and Loan for Toy Makers

इस श्रेणी के अंतर्गत पंजीकृत खिलौना निर्माताओं को योजना के सभी मानक लाभ प्राप्त होते हैं, जिन्हें नीचे तालिका में स्पष्ट रूप से दर्शाया गया है। ये लाभ कारीगर की उत्पादकता बढ़ाने, उत्पाद की गुणवत्ता सुधारने और बाज़ार तक पहुँच बनाने में सहायक हैं।

Benefits

लाभ का प्रकारविवरण
पहचान (Recognition)PM Vishwakarma प्रमाणपत्र और ID कार्ड, जो कारीगर को औपचारिक मान्यता प्रदान करता है
बुनियादी कौशल प्रशिक्षण5–7 दिन (40 घंटे) का प्रशिक्षण, जिसमें ₹500 प्रतिदिन का स्टाइपेंड (भत्ता) मिलता है
उन्नत कौशल प्रशिक्षण (वैकल्पिक)15 दिन (120 घंटे) का प्रशिक्षण, जिसमें भी ₹500 प्रतिदिन का स्टाइपेंड मिलता है
टूलकिट प्रोत्साहन₹15,000 का e-voucher / e-RUPI, जिससे आधुनिक औजार खरीदे जा सकते हैं
संपार्श्विक-मुक्त ऋण (Tranche 1)₹1,00,000 तक, 18 महीने की अवधि, 5% वार्षिक ब्याज दर पर
संपार्श्विक-मुक्त ऋण (Tranche 2)₹2,00,000 तक, 30 महीने की अवधि, 5% वार्षिक ब्याज दर पर (पहली किस्त चुकाने के बाद)
डिजिटल लेनदेन प्रोत्साहनप्रति डिजिटल लेनदेन ₹1, अधिकतम 100 लेनदेन प्रति माह
विपणन सहायताGeM पोर्टल पर पंजीकरण, व्यापार मेलों में भागीदारी, ब्रांडिंग और ई-कॉमर्स लिंकेज में सहायता

Modern Tools for Toy Makers

₹15,000 के टूलकिट प्रोत्साहन का उपयोग खिलौना निर्माता अपने पारंपरिक औजारों को आधुनिक और सुरक्षित बनाने में कर सकते हैं। यह राशि e-RUPI वाउचर के रूप में दी जाती है, जिसे केवल औजारों की खरीद के लिए ही भुनाया जा सकता है। खिलौना निर्माताओं के लिए उपयुक्त कुछ आधुनिक औजारों के उदाहरण:

  • लकड़ी पर काम करने के औजार: उच्च गुणवत्ता वाले छेनी (chisels), रंदा (planes), और तराशने के औजार जो अधिक सटीकता और कम श्रम में काम करते हैं।
  • फिनिशिंग और पॉलिशिंग उपकरण: खिलौनों की सतह को चिकना और सुरक्षित बनाने के लिए इलेक्ट्रिक सैंडर या पॉलिशिंग किट।
  • सुरक्षित और गैर-विषैले पेंट: बच्चों के खिलौनों के लिए विशेष रूप से प्रमाणित, गैर-विषैले (non-toxic) पेंट और फिनिश। यह विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि खिलौने बच्चों के उपयोग की वस्तुएँ हैं।
  • मोल्डिंग और सिलाई के औजार: मिट्टी या पेपर माशे के खिलौनों के लिए मोल्ड, और कपड़े के खिलौनों की सिलाई के लिए उन्नत सिलाई उपकरण।
  • सुरक्षा उपकरण: काम के दौरान सुरक्षा के लिए दस्ताने, चश्मे और मास्क।

Eligibility

योजना का लाभ उठाने के लिए निम्नलिखित शर्तों को पूरा करना अनिवार्य है:

  1. आयु: आवेदक की आयु पंजीकरण की तिथि पर 18 वर्ष या अधिक होनी चाहिए।
  2. व्यापार में संलग्नता: आवेदक पारंपरिक गुड़िया और खिलौना निर्माण के व्यापार में हाथ और औजारों से काम करते हुए सक्रिय रूप से संलग्न होना चाहिए।
  3. क्षेत्र: आवेदक असंगठित क्षेत्र में स्वरोजगार के आधार पर काम कर रहा हो।
  4. पारिवारिक सीमा: एक परिवार (पति, पत्नी और अविवाहित बच्चे) से केवल एक सदस्य ही योजना का लाभ ले सकता है।
  5. सरकारी नौकरी से बहिष्करण: आवेदक या उसके परिवार का कोई सदस्य सरकारी सेवा में नहीं होना चाहिए।
  6. पूर्व ऋण संबंधी शर्त: आवेदक ने पिछले 5 वर्षों में PMEGP, PM SVANidhi, Mudra या समान सरकारी ऋण योजनाओं के तहत ऋण नहीं लिया हो।

Documents Required

CSC पर जाने से पहले निम्नलिखित दस्तावेज़ तैयार रखें:

  • आधार कार्ड (मूल और प्रति)
  • आधार से लिंक मोबाइल नंबर (OTP सत्यापन के लिए आवश्यक)
  • बैंक खाता विवरण / पासबुक (खाता संख्या और IFSC कोड)
  • राशन कार्ड (पारिवारिक विवरण के सत्यापन के लिए; यदि उपलब्ध न हो तो परिवार के सभी सदस्यों का आधार कार्ड)
  • पासपोर्ट आकार का फोटो
  • व्यापार का प्रमाण (यदि उपलब्ध हो): जैसे कार्यशाला की तस्वीर, बनाए गए खिलौनों की तस्वीर, या किसी स्थानीय निकाय से प्राप्त कोई पहचान पत्र।

How to Apply via CSC

PM Vishwakarma योजना के लिए स्वयं ऑनलाइन पंजीकरण का कोई विकल्प नहीं है। आवेदन केवल निकटतम Common Service Centre (CSC) के माध्यम से ही किया जा सकता है, जहाँ Aadhaar बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण किया जाता है। CSC द्वारा पंजीकरण के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाता है।

  1. CSC पर जाएँ: अपने निकटतम CSC केंद्र पर जाकर संचालक को PM Vishwakarma योजना के तहत पंजीकरण कराने की इच्छा बताएँ।
  2. आधार सत्यापन: अपना आधार नंबर और आधार से लिंक मोबाइल नंबर प्रदान करें। OTP के माध्यम से सत्यापन के बाद बायोमेट्रिक (फिंगरप्रिंट/आईरिस) प्रमाणीकरण किया जाएगा।
  3. व्यक्तिगत और पारिवारिक विवरण: संचालक द्वारा आपका नाम, पता, पारिवारिक विवरण (राशन कार्ड के माध्यम से) और अन्य आवश्यक जानकारी पोर्टल पर दर्ज की जाएगी।
  4. व्यापार का चयन: व्यापार की सूची में से “Doll & Toy Maker (Traditional)” का चयन करें।
  5. बैंक विवरण: ऋण और अन्य लाभों के वितरण के लिए अपने बैंक खाते का विवरण (खाता संख्या, IFSC) प्रदान करें।
  6. आवेदन जमा करें: सभी जानकारी की जाँच के बाद संचालक आवेदन जमा करेगा। आपके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एक पावती/SMS प्राप्त होगी।

सत्यापन प्रक्रिया (Verification): आवेदन जमा करने के बाद, यह त्रि-स्तरीय सत्यापन से गुजरता है:

  • स्तर 1: ग्राम पंचायत या शहरी स्थानीय निकाय (ULB) द्वारा स्थानीय स्तर पर सत्यापन कि आवेदक वास्तव में इस व्यापार को करता है।
  • स्तर 2: जिला कार्यान्वयन समिति (District Implementation Committee) द्वारा जाँच।
  • स्तर 3: राज्य स्तरीय स्क्रीनिंग समिति द्वारा अंतिम स्वीकृति।

After Approval: Certificate, Training, Toolkit and Loan

स्वीकृति के बाद लाभ निम्नलिखित क्रम में प्राप्त होते हैं:

  1. प्रमाणपत्र और ID कार्ड: सबसे पहले आपको PM Vishwakarma प्रमाणपत्र और पहचान पत्र मिलता है, जो आपकी औपचारिक पहचान है।
  2. बुनियादी प्रशिक्षण: 5–7 दिन का निःशुल्क प्रशिक्षण, जिसमें प्रतिदिन ₹500 का स्टाइपेंड सीधे आपके बैंक खाते में आता है।
  3. टूलकिट वाउचर: बुनियादी प्रशिक्षण पूरा होने पर, आपके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर ₹15,000 का e-RUPI वाउचर आता है। इसका उपयोग आप सूचीबद्ध विक्रेताओं से औजार खरीदने के लिए कर सकते हैं। टूलकिट की डिलीवरी India Post द्वारा आपके घर तक की जाती है।
  4. ऋण के लिए आवेदन: बुनियादी प्रशिक्षण पूरा करने के बाद आप पहली किस्त (₹1 लाख) के ऋण के लिए पात्र हो जाते हैं। ऋण का वितरण बैंक द्वारा किया जाता है, जो आपकी पात्रता और ऋण चुकाने की क्षमता का मूल्यांकन करता है। ऋण स्वीकृति की गारंटी नहीं है; अंतिम निर्णय बैंक का होता है।
  5. उन्नत प्रशिक्षण (वैकल्पिक): यदि आप 15 दिन का उन्नत प्रशिक्षण लेना चाहते हैं, तो इसके लिए भी ₹500 प्रतिदिन का स्टाइपेंड मिलता है। दूसरी किस्त का ऋण लेने के लिए उन्नत प्रशिक्षण या डिजिटल लेनदेन को अपनाना सहायक हो सकता है।

Common Mistakes

  • गलत व्यापार का चयन: यदि आप वास्तव में पारंपरिक खिलौना निर्माता नहीं हैं (जैसे केवल मशीनों से काम करते हैं), तो आवेदन न करें। सत्यापन के दौरान यह पकड़ा जाएगा और आवेदन अस्वीकृत हो सकता है।
  • पारिवारिक सदस्य द्वारा पहले से आवेदन: यदि परिवार के किसी अन्य सदस्य ने पहले ही योजना का लाभ लिया है, तो आप पात्र नहीं हैं। CSC पर जाने से पहले यह सुनिश्चित कर लें।
  • आधार-मोबाइल लिंक न होना: यदि आपका मोबाइल नंबर आधार से लिंक नहीं है, तो OTP सत्यापन विफल हो जाएगा और आवेदन प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ेगी।
  • अपूर्ण दस्तावेज़: राशन कार्ड या बैंक पासबुक में नाम/विवरण में असंगति होने पर आवेदन रुक सकता है। सुनिश्चित करें कि सभी दस्तावेज़ों में विवरण एक समान हो।
  • CSC को शुल्क देना: पंजीकरण के लिए CSC द्वारा कोई भी शुल्क लेना अनधिकृत है। यदि कोई संचालक पैसे मांगता है, तो हेल्पलाइन पर शिकायत करें।

FAQs

  1. क्या PM Vishwakarma योजना के तहत “Doll & Toy Maker” एक मान्य व्यापार है? — हाँ। पारंपरिक गुड़िया और खिलौना निर्माता योजना के अंतर्गत मान्यता प्राप्त 18 व्यापारों में से एक है।
  2. क्या मशीन से खिलौने बनाने वाले कारीगर भी पात्र हैं? — नहीं। योजना केवल उन कारीगरों के लिए है जो हाथ और हाथ के औजारों से पारंपरिक तरीके से खिलौने बनाते हैं। कारखाना या केवल मशीन-आधारित उत्पादन कवर नहीं है।
  3. क्या मुझे प्रशिक्षण के लिए कोई शुल्क देना होगा? — नहीं। बुनियादी और उन्नत दोनों प्रकार के प्रशिक्षण निःशुल्क हैं, और प्रशिक्षण के दौरान ₹500 प्रतिदिन का स्टाइपेंड भी दिया जाता है।
  4. ₹15,000 का टूलकिट प्रोत्साहन कैसे प्राप्त होता है? — यह e-RUPI वाउचर के रूप में आपके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर भेजा जाता है। इसका उपयोग केवल औजार खरीदने के लिए किया जा सकता है, और टूलकिट India Post द्वारा आपके घर तक पहुँचाया जाता है।
  5. क्या मैं सीधे पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकता हूँ? — नहीं। आवेदन केवल CSC (Common Service Centre) के माध्यम से, आधार बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के साथ किया जा सकता है।
  6. क्या ऋण मिलना निश्चित है? — नहीं। योजना के तहत ऋण के लिए पात्रता तो निर्धारित है, लेकिन अंतिम स्वीकृति और राशि का निर्णय संबंधित बैंक द्वारा किया जाता है।
  7. क्या परिवार के एक से अधिक सदस्य आवेदन कर सकते हैं? — नहीं। एक परिवार (पति, पत्नी, अविवाहित बच्चे) से केवल एक सदस्य ही योजना का लाभ ले सकता है।
  8. क्या यदि मैंने पहले Mudra लोन लिया है तो मैं पात्र नहीं हूँ? — यदि आपने पिछले 5 वर्षों में Mudra, PMEGP या PM SVANidhi के तहत ऋण लिया है, तो आप पात्र नहीं हैं। यदि ऋण पूरी तरह चुका दिया गया है और 5 वर्ष की अवधि बीत चुकी है, तो पात्रता की जाँच CSC पर की जा सकती है।
  9. क्या सरकारी कर्मचारी या उसके परिवार के सदस्य आवेदन कर सकते हैं? — नहीं। सरकारी सेवा में कार्यरत व्यक्ति और उसके परिवार के सदस्य योजना के लिए पात्र नहीं हैं।
  10. योजना की आधिकारिक वेबसाइट और हेल्पलाइन क्या है? — आधिकारिक पोर्टल: https://pmvishwakarma.gov.in ; हेल्पलाइन नंबर: 1800-267-7777 और 17923; ईमेल: pm-vishwakarma@dcmsme.gov.in

Official Resources

Conclusion

PM Vishwakarma Yojana पारंपरिक गुड़िया और खिलौना निर्माताओं के लिए एक व्यापक सहायता प्रणाली है जो उन्हें केवल वित्तीय सहायता ही नहीं देती, बल्कि औपचारिक पहचान, आधुनिक कौशल, सुरक्षित औजार और बाज़ार तक पहुँच प्रदान करती है। यदि आप हाथ से पारंपरिक खिलौने बनाने का कार्य करते हैं और असंगठित क्षेत्र में स्वरोजगाररत हैं, तो यह योजना आपके लिए है। अपने निकटतम CSC पर जाकर, आवश्यक दस्तावेज़ों के साथ आवेदन करें और इस योजना का लाभ उठाएँ।

याद रखें, स्वीकृति स्थानीय निकाय द्वारा सत्यापन के बाद होती है, और ऋण का अंतिम निर्णय बैंक का होता है। PM Vishwakarma Yojana Doll and Toy Maker के तहत पंजीकरण कराने वाले कारीगरों को प्रमाणपत्र, प्रशिक्षण, टूलकिट और ऋण का पूरा लाभ एक ही योजना से मिलता है।

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