पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत कारीगरों और शिल्पकारों को सिर्फ प्रशिक्षण और टूलकिट ही नहीं मिलता, बल्कि उनके उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने के लिए PM Vishwakarma Yojana Marketing Support भी दिया जाता है। यह सहायता व्यापार मेलों, प्रदर्शनियों, ब्रांडिंग, गुणवत्ता प्रमाणन और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से जुड़ने के रूप में उपलब्ध है। PM Vishwakarma Yojana Marketing Support का उद्देश्य पारंपरिक कारीगरों को स्थानीय बाजार से निकलकर व्यापक बाजार और सरकारी खरीदारों तक पहुंचाना है, ताकि उनकी आय में सुधार हो सके और वे औपचारिक MSME पारिस्थितिकी तंत्र का हिस्सा बन सकें।
Overview
प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना की शुरुआत 17 सितंबर 2023 को हुई थी। यह एक केंद्रीय क्षेत्र की योजना है जिसका बजट वर्ष 2023-24 से 2027-28 तक ₹13,000 करोड़ है और इसमें 18 पारंपरिक व्यवसायों को शामिल किया गया है। योजना के प्रमुख घटकों में मान्यता (प्रमाण पत्र और आईडी कार्ड), कौशल उन्नयन, टूलकिट प्रोत्साहन, ऋण सहायता, डिजिटल लेनदेन के लिए प्रोत्साहन और मार्केटिंग सहायता शामिल हैं। मार्केटिंग सहायता इस योजना का एक अभिन्न अंग है जो कारीगरों को उनके उत्पादों के विपणन और ब्रांडिंग में मदद करता है।

PM Vishwakarma Yojana Marketing Support — GeM, Exhibitions, Branding and E-Commerce
इस योजना के तहत मार्केटिंग सहायता के कई माध्यम हैं। इनमें व्यापार मेले, प्रदर्शनियाँ और शिल्प मेले शामिल हैं जहाँ कारीगरों को अपने उत्पाद प्रदर्शित करने और बेचने का अवसर मिलता है। इसके अलावा ब्रांडिंग सहायता, गुणवत्ता प्रमाणन सहायता, विज्ञापन और प्रचार भी इसका हिस्सा हैं। डिजिटल और ई-कॉमर्स लिंकेज के तहत कारीगरों को गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (GeM) पर ऑनबोर्ड किया जाता है ताकि वे सरकारी खरीदारों और व्यापक बाजार तक पहुंच सकें। इसके साथ ही उद्यम असिस्ट प्लेटफॉर्म के माध्यम से उन्हें औपचारिक MSME पारिस्थितिकी तंत्र में शामिल किया जाता है।
सितंबर 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार, 30,000 से अधिक विश्वकर्मा लाभार्थियों को GeM, ONDC, मीशो, अमेज़न, फैबइंडिया, सुलेखा जैसे विभिन्न ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर ऑनबोर्ड किया गया है। MSME मंत्रालय ने अमेज़न के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर भी किए हैं ताकि पात्र कारीगरों को उनके मार्केटप्लेस पर शामिल किया जा सके।
What Marketing Support Covers
योजना के तहत मार्केटिंग सहायता के अंतर्गत निम्नलिखित पहलू शामिल हैं:
| सहायता का प्रकार | विवरण |
|---|---|
| व्यापार मेले और प्रदर्शनियाँ | देश भर में आयोजित मेलों और प्रदर्शनियों में भागीदारी के अवसर, जहाँ उत्पादों को प्रदर्शित और बेचा जा सकता है |
| ब्रांडिंग सहायता | उत्पादों की पैकेजिंग, ब्रांडिंग और प्रस्तुति में मदद, जिससे उनकी बाजार में पहचान बने |
| गुणवत्ता प्रमाणन सहायता | उत्पादों की गुणवत्ता को प्रमाणित कराने में सहायता, जिससे विश्वसनीयता बढ़े |
| विज्ञापन और प्रचार | उत्पादों और कारीगरों के कौशल को बढ़ावा देने के लिए विज्ञापन और प्रचार गतिविधियाँ |
| ई-कॉमर्स लिंकेज (GeM सहित) | गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (GeM) और अन्य ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर ऑनबोर्डिंग, ताकि सरकारी और निजी खरीदारों तक पहुंच हो |
| उद्यम असिस्ट ऑनबोर्डिंग | औपचारिक MSME पारिस्थितिकी तंत्र में शामिल होने के लिए उद्यम असिस्ट प्लेटफॉर्म पर पंजीकरण |
Who Can Get Marketing Support
मार्केटिंग सहायता केवल उन्हीं कारीगरों को मिलती है जो योजना के तहत पंजीकृत और सत्यापित लाभार्थी हैं। इसके लिए आवश्यक शर्तें इस प्रकार हैं:
- आयु 18 वर्ष या अधिक होनी चाहिए।
- कारीगर असंगठित क्षेत्र में स्वरोजगार में लगा होना चाहिए।
- योजना के अंतर्गत 18 पारंपरिक व्यवसायों में से किसी एक में कार्यरत होना चाहिए।
- एक परिवार से केवल एक सदस्य को ही लाभ मिल सकता है।
- लाभार्थी के पास पीएम विश्वकर्मा प्रमाण पत्र और आईडी कार्ड होना अनिवार्य है।
यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि मार्केटिंग सहायता का अर्थ किसी निश्चित बिक्री, ऑर्डर या मेले में सीट की गारंटी नहीं है। यह केवल अवसर प्रदान करने वाली सहायता है।
How to Access Marketing Support
मार्केटिंग सहायता प्राप्त करने के लिए कोई निश्चित तिथि या सीधा आवेदन पोर्टल नहीं है। इसके लिए निम्नलिखित माध्यमों पर नजर रखनी होती है:
| चरण | प्रक्रिया |
|---|---|
| 1. दस्तावेज तैयार रखें | पीएम विश्वकर्मा प्रमाण पत्र और आईडी कार्ड हमेशा तैयार रखें, क्योंकि किसी भी अवसर का लाभ लेने के लिए यह आवश्यक है |
| 2. आधिकारिक पोर्टल पर नजर रखें | pmvishwakarma.gov.in पर मेलों, प्रदर्शनियों और अन्य अवसरों की घोषणाएँ देखें |
| 3. CSC और जिला चैनल | सामान्य सेवा केंद्र (CSC) और जिला स्तरीय कार्यालयों के माध्यम से होने वाली घोषणाओं पर ध्यान दें |
| 4. GeM ऑनबोर्डिंग | योजना के मार्केट-लिंकेज चैनलों के माध्यम से GeM विक्रेता के रूप में पंजीकरण की प्रक्रिया में भाग लें |
Digital Incentive and Online Selling
मार्केटिंग सहायता के अलावा, योजना में डिजिटल लेनदेन के लिए एक अलग प्रोत्साहन भी है। यदि कोई लाभार्थी अपने व्यवसाय में डिजिटल भुगतान (पेमेंट या प्राप्ति) करता है, तो उसे प्रति योग्य डिजिटल लेनदेन ₹1 की दर से प्रोत्साहन मिलता है। यह प्रोत्साहन प्रति माह अधिकतम 100 लेनदेन तक सीमित है और सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में DBT के माध्यम से जमा किया जाता है। सितंबर 2026 तक 8.11 लाख से अधिक लाभार्थियों को ₹42 करोड़ से अधिक का डिजिटल प्रोत्साहन वितरित किया जा चुका है।
ऑनलाइन बिक्री के लिए, योजना के तहत कारीगरों को GeM के अलावा अन्य ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म जैसे ONDC, मीशो, अमेज़न आदि पर भी ऑनबोर्ड किया जा रहा है। इसके अलावा 12,000 से अधिक कारीगरों को ब्रांडिंग, उत्पाद डिजाइन, पैकेजिंग और मार्केटिंग के लिए AI टूल्स के उपयोग का प्रशिक्षण भी दिया गया है।
What Marketing Support Does NOT Do
मार्केटिंग सहायता के संबंध में कुछ भ्रांतियों को दूर करना आवश्यक है:
- बिक्री की गारंटी नहीं: योजना के तहत किसी भी उत्पाद की बिक्री या GeM पर ऑर्डर मिलने की कोई गारंटी नहीं है।
- मेले में सीट की गारंटी नहीं: किसी विशेष मेले या प्रदर्शनी में भाग लेने के लिए सीट या स्टॉल की गारंटी नहीं दी जाती। भागीदारी उपलब्धता और चयन प्रक्रिया पर निर्भर करती है।
- कोई निश्चित तिथि नहीं: मार्केटिंग सहायता के लिए कोई निर्धारित आवेदन तिथि या सतत प्रक्रिया नहीं है; यह आयोजनों और घोषणाओं पर निर्भर है।
- एजेंट को शुल्क न दें: योजना के लाभ प्राप्त करने के लिए किसी भी एजेंट को शुल्क देने की आवश्यकता नहीं है। यदि कोई व्यक्ति योजना के लाभ दिलाने के नाम पर पैसे मांगता है, तो वह धोखाधड़ी हो सकती है।
Common Mistakes
मार्केटिंग सहायता का लाभ उठाते समय कुछ सामान्य गलतियों से बचना चाहिए:
- प्रमाण पत्र और आईडी कार्ड न रखना: बिना वैध पीएम विश्वकर्मा प्रमाण पत्र और आईडी कार्ड के किसी भी अवसर का लाभ नहीं मिल सकता।
- घोषणाओं पर ध्यान न देना: पोर्टल, CSC या जिला कार्यालय की घोषणाओं को नजरअंदाज करने से महत्वपूर्ण अवसर छूट सकते हैं।
- गलत अपेक्षाएँ रखना: यह मान लेना कि मार्केटिंग सहायता से स्वतः बिक्री हो जाएगी, गलत है। यह केवल एक मंच और सहायता प्रदान करता है।
- अनधिकृत एजेंटों पर भरोसा करना: योजना के लाभ के लिए किसी भी अनधिकृत व्यक्ति या एजेंट को पैसे न दें। आवेदन केवल CSC के माध्यम से Aadhaar बायोमेट्रिक के साथ होता है।
FAQs
क्या पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत मार्केटिंग सहायता के लिए अलग से आवेदन करना होता है?
नहीं, मार्केटिंग सहायता योजना का एक घटक है। पंजीकृत और सत्यापित लाभार्थी होने के नाते आप पात्र हैं, लेकिन विशिष्ट अवसरों (जैसे मेले) के लिए घोषणाओं के अनुसार भागीदारी की प्रक्रिया होती है।
क्या GeM पर ऑनबोर्डिंग से निश्चित रूप से सरकारी ऑर्डर मिलेगा?
नहीं, GeM पर ऑनबोर्डिंग से आप सरकारी खरीदारों के लिए अपने उत्पाद सूचीबद्ध कर सकते हैं, लेकिन ऑर्डर मिलने की कोई गारंटी नहीं है। यह आपके उत्पाद की प्रतिस्पर्धात्मकता और खरीदार की आवश्यकता पर निर्भर करता है।
मार्केटिंग सहायता के तहत कौन-कौन से मेले और प्रदर्शनियाँ आते हैं?
इनमें राज्य स्तरीय प्रदर्शनियाँ, व्यापार मेले, शिल्प मेले और राष्ट्रीय स्तर के आयोजन शामिल हैं जिनकी घोषणा समय-समय पर आधिकारिक पोर्टल और जिला चैनलों के माध्यम से की जाती है।
क्या मुझे मेले में स्टॉल या सीट मिलना सुनिश्चित है?
नहीं, मेले में भागीदारी उपलब्धता, चयन प्रक्रिया और आयोजक के नियमों पर निर्भर करती है। किसी भी सीट या स्टॉल की पहले से गारंटी नहीं दी जाती।
मार्केटिंग सहायता के लिए किसी एजेंट को भुगतान करना पड़ता है क्या?
नहीं, योजना के किसी भी लाभ के लिए एजेंट को भुगतान करने की आवश्यकता नहीं है। यदि कोई पैसे मांगता है तो वह धोखाधड़ी है। आवेदन केवल CSC के माध्यम से Aadhaar बायोमेट्रिक से होता है।
क्या डिजिटल प्रोत्साहन और मार्केटिंग सहायता एक ही चीज हैं?
नहीं, डिजिटल प्रोत्साहन एक अलग लाभ है जिसमें प्रति डिजिटल लेनदेन ₹1 (अधिकतम 100 प्रति माह) DBT के माध्यम से मिलता है। मार्केटिंग सहायता में मेले, ब्रांडिंग, GeM आदि शामिल हैं।
क्या गैर-पंजीकृत कारीगर मार्केटिंग सहायता का लाभ ले सकते हैं?
नहीं, मार्केटिंग सहायता केवल पंजीकृत और सत्यापित पीएम विश्वकर्मा लाभार्थियों के लिए है जिनके पास प्रमाण पत्र और आईडी कार्ड है।
GeM के अलावा और किन ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर ऑनबोर्डिंग होती है?
योजना के तहत ONDC, मीशो, अमेज़न, फैबइंडिया, सुलेखा आदि प्लेटफॉर्म पर भी कारीगरों को ऑनबोर्ड किया जा रहा है।
क्या मार्केटिंग सहायता के तहत पैकेजिंग और ब्रांडिंग का प्रशिक्षण भी मिलता है?
हाँ, योजना के तहत पैकेजिंग और ब्रांडिंग को बढ़ावा देने के लिए भारतीय पैकेजिंग संस्थान के सहयोग से कार्यशालाएँ आयोजित की जाती हैं। इसके अलावा AI टूल्स के माध्यम से ब्रांडिंग और डिजाइन का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।
योजना के तहत मिलने वाले मार्केटिंग लाभों के बारे में जानकारी कहाँ से मिल सकती है?
आधिकारिक पोर्टल pmvishwakarma.gov.in, CSC केंद्रों और जिला MSME कार्यालयों के माध्यम से समय-समय पर घोषणाएँ की जाती हैं। हेल्पलाइन नंबर 1800-267-7777 और 17923 पर भी संपर्क किया जा सकता है।
Official Resources
- आधिकारिक वेबसाइट: https://pmvishwakarma.gov.in
- Guidelines: https://pmvishwakarma.gov.in/Home/Guidelines
- हेल्पलाइन: 1800-267-7777 और 17923
- ईमेल: pm-vishwakarma@dcmsme.gov.in
Conclusion
पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत मार्केटिंग सहायता पारंपरिक कारीगरों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है, लेकिन यह कोई बिक्री गारंटी या तत्काल परिणाम देने वाला उपाय नहीं है। यह सहायता मेलों, GeM ऑनबोर्डिंग, ब्रांडिंग और ई-कॉमर्स के माध्यम से बाजार तक पहुंच बनाने में मदद करती है। लाभार्थियों को चाहिए कि वे अपने प्रमाण पत्र और आईडी कार्ड तैयार रखें, आधिकारिक घोषणाओं पर नजर रखें और किसी भी एजेंट को शुल्क न दें। सही जानकारी और सक्रिय भागीदारी के माध्यम से कारीगर इस सहायता का अधिकतम लाभ उठा सकते हैं और अपने उत्पादों को नई ऊँचाइयों तक पहुंचा सकते हैं।